पलवल जिले के बारे में पढ़े
स्थापना -15 अगस्त 2018 को हरियाणा के 21 वे जिले के रूप में पलवल का गठन किया गया। इस जिले का गठन हरियाणा के फरीदाबाद व गुड़गांव को पुनर्गठित करके किया गया।
नामकरण- प्लंबासूर राक्षस की राजधानी के नाम पर।
उपनाम- कॉटन सिटी तथा रोहतक व पलवल को शुगर सिटी भी कहते हैं।
उपमंडल -पलवल, होडल, हथीन।
तहसील -पलवल, होडल, हथीन
उप तहसील- हसनपुर, बहीन खंड -पलवल ,होडल, हथिन, हसनपुर, पृथला।
जनसंख्या -1042708
जनसंख्या घनत्व-767 व्यक्ति वर्ग किलोमीटर ।
क्षेत्रफल 1359 वर्ग किलोमीटर
ऐतिहासिक तथ्य -हरियाणा में गांधीजी को सर्वप्रथम 10 अप्रैल 1919 को पलवल स्टेशन से गिरफ्तार किया गया इस स्टेशन को सरकार अब हेरिटेज स्टेशन के रूप में विकसित करेगी।
पलवल का प्राचीन नाम अपलवा था।
यस एवं यक्षिणी की प्रसिद्ध मूर्तियां पलवल के हथीन से प्राप्त हुई है।
महात्मा गांधी की गिरफ्तारी की स्मृति में सुभाष चंद्र बोस ने पलवल में 1938 में महात्मा गांधी आश्रम की निव रखी।
हरियाणा में कांग्रेस पार्टी का जनक लाला मुरलीधर का जन्म पलवल में हुआ था ।इन्हें ग्रेड ओल्ड मैन ऑफ़ पंजाब कहा जाता है।
माना जाता है कि पांडवों ने अज्ञातवास का अधिकतर समय पलवल में ही बिताया था ।यहीं पर उन्होंने पंचवटी का निर्माण करवाया।
धार्मिक स्थल-
पलवल के किले को मोटीयों का किला भी कहते हैं।
किशोरी महल होडल में स्थित है। इसका निर्माण सूरजमल ने अपनी पत्नी की याद में करवाया था।
राधा कृष्ण मंदिर व तालाब पलवल के नजदीक स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है।
द्रोपती तीर्थ स्थल पलवल में स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है।
सुभाष चंद्र बोस स्टेडियम पलवल में स्थित है ।
पलवल का प्रमुख पर्यटक स्थल डबचिक है जो पलवल के होडल में स्थित है ।
होडल में प्रसिद्ध सती रमणी का मेला लगता है।
दाऊजी का मंदिर भगवान बलराम से संबंधित है जो पहले फरीदाबाद में था आज पलवल के बंचारी गांव में स्थित है।
होडल में प्रसिद्ध सती का मंदिर है जहां जनवरी माहां में मेला लगता है।
अन्य तथ्य- पलवल को कोटन सिटी यहां कपास के व्यापार के लिए कहा जाता है ।
हरियाणा विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय दूधोला पलवल 2016 में स्थापित किया गया।

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