हरियाणा के जिले जींद के बारे मे
1नवम्बर 1966को जींद की स्थापना हुई।
नामकरण-जयंती देवी के नाम पर।
उपमण्डल-जींद ,सफीदों,नरवाना
तहसील-जींद,सफीदों,नरवाना, जुलाना।
उपतहसील-अलेवा,पिल्लूखेड़ा, उचाना कला।क्षेत्रफल-2702वर्ग किलोमीटर।
हरियाणा का हृदय जींद और जींद का हृदय रानी तालाब है।
हरियाणा के 7 जिलों की सीमा जींद से लगती है ।यह 7 जिले हैं-
रोहतक ,करनाल ,हिसार, सोनीपत, पानीपत, कैथल फतेहाबाद।
ऐतिहासिक तथ्य -
.कहा जाता है कि महाभारत युद्ध से पूर्व युधिसीटर ने जयंती देवी की प्रार्थना की थी तथा यही एक मंदिर का निर्माण करवाया बाद में यही जयंतीपुर से जिंद बना ।
.रामायण श्लोक अंकित अभिलेख नचार खेड़ा से प्राप्त हुआ ।
.जींद का विद्रोह 1835 में बलियाली विद्रोह के रूप में गुलाब सिंह के नेतृत्व में लड़ा गया।
राजा रघुवीर सिंह-
18 64 - 18 80 ने यहां भूतेश्वर महल का निर्माण करवाया जिसे आज रानी के तालाब के नाम से जाना जाता है।
. जिंद का विद्रोह 1814 ईस्वी में प्रताप सिंह के नेतृत्व में हुआ।
.जींद के नगर सफीदों का प्राचीन नाम सफर दमन था यह राजा जन्मेजय से संबंधित था ।
.1517 में जींद जिले में मंडार जनजाति ने सिकंदर लोदी के खिलाफ विद्रोह किया ।
.1530 में मोहन सिंह मंडार ने विद्रोह कैथल में बाबर के खिलाफ किया।
. 1798 में जींद के राजा भाग सिंह को मारकर जार्ज थॉमस ने जींद को अपने क्षेत्र में मिला लिया।
. अंग्रेजों के विरूद्ध एक होकर जींद के शासकप्रताप सिंह का साथ फूल सिंह ने दिया लेकिन प्रताप सिंह के विरुद्ध अंग्रेजों का साथ नाभा शासक,पटियाला शासक व कैथल शासक ने दिया ।इसका परिणाम यह हुआ कि प्रताप सिंह हारकर लाहौर चला गया ,जहां से रणजीत सिंह ने पकड़ कर उसको अंग्रेजों को सौंप दिया ।हरियाणा के जींद रियासत को लकवा मार गया ।रानी सौदारहीभीजींद से संबंधित है।
अन्य तथ्य-
.1970 में यहां वीटा मिल्क प्लांट की स्थापना तथा विटामिल्क प्लांट रोहतक ,कुरुक्षेत्र व पलवल में भी है।
.2010 में लक्ष्य मिल्क प्लांट की स्थापना की गई।
.जींद जिले के सभी गांव के नाम संगीत के स्वरों पर रखे गए हैं।
.हरियाणा एग्रीकल्चर ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना में 1963 में की गई ।
.जींद की विधानसभा आरक्षित से नरवाना है।
. जींद की एकमात्र यूनिवर्सिटी चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय की स्थापना 2014 में हुआ वीसी सोलंकी हैं ।
.हरियाणा में 4 मेगा फूड पार्क नरवाना नरवाना ,जींद ,सहा अंबाला, डबवाली सिरसा, सोनीपत में स्थित है ।
.जींद का प्रसिद्ध नृत्य खेड़ा नृत्य है ।
.जींद में हर्बल पार्क उचाना में स्थित है तथा हरियाणा में कुल 619 सचिवालय में पहला सचिवालय बेहबतपुर जींद में स्थापित किया गया था।
. प्रमुख हस्तियां-
. कविता दलाल जुलाना कस्बे के मालवी गांव से प्रसिद्ध डब्ल्यूडब्ल्यूई फाइटर है यह हार्ड केडी के नाम से भी प्रसिद्ध है।
.दीपक लाठर-राष्ट्रमंडल खेलों में भारोत्तोलन के कांस्य पदक जीता।
.महावीर गुड्डू जींद गायक, हरियाणा में महावीर गुड्डू को बम लहरी कहते हैं।
.पंडित अमीलाल -मन्ना खेड़ी जींद- -हरियाणा में इन्हेंगांधी का सेवक कहा जाता है।
.ओम प्रकाश -जींद -बास्केटबॉल ।
.यूज़वेंद्र चहल- जुलाना -क्रिकेटर ।
हरदीप सिंह -जींद -98 किलोग्राम ग्रीको रोमन कुश्ती ।
जींद के प्रमुख पर्यटक केंद्र- Bulbul Hariyal ।
धार्मिक स्थल -
धमतान साहिब धार्मिक स्थल ,जीत गिरी मंदिर, जामनी तीर्थ स्थल राम राय धार्मिक स्थल परशुराम का जन्म स्थल ,भूतेश्वर मंदिर हाटकेश्वर, पुष्कर तीर्थ स्थल जींद के प्रमुख धार्मिक स्थल हैं ।
बिरबरा वन्य जीव अभ्यारण -जींद ।
प्राचीन किला किरसोली- जींद ।
.हंस खेड़ा तीर्थ स्थल हंस खेड़ा गांव नरवाना ऐसा माना जाता है कि कपिल मुनि के पिता कदम ने तपस्या की थी और कपिल मुनि का जन्म यहीं हुआ था पृथ्वी पर सबसे पहले वर्मा जी यहीं पर आए थे।
.इक्कस का तालाब या ढूंढा तीर्थ अभी अभिज्ञान शाकुंतलम् में इस तीर्थ का वर्णन है।
.बारह तीर्थ जींद के बरा गांव में महाभारत के अनुसार भगवान विष्णु ने यहां 12 अवतार लिए थे।
.जींद के पांडू पिंडारा गांव में प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पांडू पिंडारा है जहां पूर्वजों के लिए पितर पिंडदान करने की प्रथा है जो अमावस के दिन किया जाता है।
.मांजी साहिब का गुरुद्वारा- हरियाणा के 4 नगरों अंबाला, जींद ,कैथल व लाखन माजरा रोहतक में है। यह गुरु तेग बहादुर से संबंधित है ।
मेले-
. राम राय हद का मेला वैसा वह कार्तिक पूर्णिमा को लगता है।
.धमतान साहिब का मेला हर महीने की अमावस को धमतान में लगता है।
.बिलसर का मेला हंस हैडर करनाल को सोमवती अमावस को लगता है।
.हाटकेश्वर मेला हॉट गांव सावन शुकल पक्ष अंतिम रविवार को लगता है।
.सच्चा सौदा मेला सिंह पुरा में गुरु पूर्णिमा को लगता है।


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