कुरुक्षेत्र
स्थिति-
हरियाणा के उत्तरी भाग में स्थित है।
इसके उत्तर में अंबाला ,उत्तर पूर्व में यमुनानगर ,पश्चिम में कैथल और दक्षिण में कैथल व करनाल जिले स्थित है।
स्थापना -23 जनवरी 1973 नामकरण -राजा गुरु के नाम पर। उपनाम -धर्म नगरी ,तीर्थराज, सिटी ऑफ पाकर्स।
क्षेत्रफल- 1530 वर्ग किलोमीटर।
मुख्यालय- कुरुक्षेत्र।
उपमंडल -थानेसर, पेहवा, शाहाबाद ।
नदी -सरस्वती।
मुख्य फसल- गेहूं व चावल।
अन्य फसल- गन्ना ,तिलहन, व आलू।
सड़कों की लंबाई- 1023 किलोमीटर।
प्रमुख रेलवे स्टेशन- कुरुक्षेत्र
लिंग अनुपात -889
जनसंख्या -994231
साक्षरता दर- 76प्रतिसत।
ऐतिहासिक तथ्य- कुरुक्षेत्र जिला महाभारत युद्ध श्रीमद भगवत गीता के जन्म स्थली के रूप में प्रसिद्ध है।
बोध ओर जैन साहित्य में जिस थून अथवा थुना का उल्लेख किया गया है। वही स्थान आगे स्थानेश्वर अथवा थानेश्वर कहलाया थानेश्वर वर्धन वंश व श्रीकंठ जनपद के राजाओं की राजधानी रही है ।
1832 में थानेश्वर रियासत के शासक जामित के कोई पुत्र ने होने से इसे ईआईसी ईस्ट इंडिया कंपनी में मिला दिया गया।
1805 में व1845 के विद्रोह विद्रोह का नेतृत्व अजीत सिंह ने किया ।
मोहम्मद गजनबी ने थानेसर पर प्रथम आक्रमण 1009 तथा प्रसिद्ध आक्रमण 1014 में किया।
पेहोवा का प्राचीन नाम पृ थुदक था ।
दूसरी शताब्दी की लाल पत्थर की मूर्तियां कुरुक्षेत्र से प्राप्त हुई हैं।
कुरुक्षेत्र में 6 प्रसिद्ध ऋषि हुए हैं व्यासवनस्थली, विश्वामित्र पहवो वरिष्ठ पेहोवा, ययाति पर हुआ मारकंडे कुरुक्षेत्र और दधीचि दधीचि कुरुक्षेत्र।
थानेसर को मुगलों का द्वीप भी का जाता है।
श्री कृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश सरस्वती नदी के किनारे ज्योतिसर सरोवर के तट पर बरगद अथवा वट के वृक्ष के नीचे दिया।
हड़प्पा संस्कृति के नगर भगवानपुरा खोज जगपति जोशी द्वारा 1976 -77में की गई यहां से चित्रित धूसर मृदभांड प्राप्त हुए तथा इस सभ्यता का दूसरा अन्य नगर दौलतपुरा कुरुक्षेत्र में है यहां से सिंधु सभ्यता की मिट्टी की मोहरे प्राप्त हुई ।
कुरुक्षेत्र के प्रमुख तथ्य-
जिले में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की स्थापना एक आवासीय विश्वविद्यालय के रूप में 11 जनवरी 1956 को राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने नीव रखी।
एशिया की दूसरी सबसे बड़ी अनाज मंडी लाडवा कुरुक्षेत्र में है। पहली चीन में है।
आलू शकरकंदी का उत्पादन कुरुक्षेत्र जिला करता है।
आकाशवाणी कुरुक्षेत्र की स्थापना 24 जून 1991 को की गई ।
परदेस का जनसंचार व मीडिया तथा आयुष विज्ञान विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र जिले में बनेगा।
कुरुक्षेत्र में ही प्रवेश का पहला वेलोड्रोम साइकिलिंग का गोल घेरा बनाया गया।
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड स्वर्गीय श्री गुलजारी लाल नंदा के प्रयासों से 1 अगस्त 1968 को कुरुक्षेत्र में स्थित तीर्थों के विकास हेतु गठन किया इसका पदेन अध्यक्ष मुख्यमंत्री को बना दिया ।
1989 में प्रथम बार गीता जयंती उत्सव मनाया गया विकास बोर्ड के प्रावधान में 1992 में गीता जयंती समारोह का गठन किया गया ।
2012 में कुरुक्षेत्र में धार्मिक स्थलों के आसपास मदिरा बेचने पर रोक लगा दी गई ।
काला तीतर प्रजनन केंद्र यहां 1986 तथा छोटा चिड़ियाघर पीपली 1982 में स्थापित किया गया ।
कुरुक्षेत्र हरियाणा में एकमात्र जिला है जिसके स्वयं के नाम पर विधानसभा सीट नहीं है।
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान एनआईटी की स्थापना कुरुक्षेत्र में 2002 में की गई यह सर्वप्रथम एक रीजनल इंजीनियरिंग कॉलेज के रूप में 1962 में स्थापित किया गया था ।
हरियाणा का सबसे छोटा वन्य जीव अभ्यारण केंद्र जिला 29 किलोमीटर कुरुक्षेत्र में 28 नवंबर 1986 को स्थापित किया गया। यह शीतकालीन पक्षियों की आवाज के लिए प्रसिद्ध है सिलसिला में सीयो नथी नामक जंगल है।
हरियाणा का सबसे ज्यादा पर्यटक स्थल कुरुक्षेत्र जिले हैं जिले में प्रमुख पर्यटक स्थल पैराकि,नीलकंठ अंजन यात्रिका पेओवा हुआ है।
कुरुक्षेत्र के धार्मिक व दर्शनीय स्थल -
ब्रह्मसरोवर -यह थानेसर के नजदीक स्थित है .।माना जाता है कि भगवान ब्रह्म ने इस सरोवर को खुदवाया था । काफी इतिहासकार इसे राजा को कुरु द्वारा खुदा मानते हैं ।यह हरियाणा का सबसे बड़ा प्राकृतिक सरोवर है 18 50 में डीसी कल के ने इसकी पुणे खुदाई करवाई सरोवर का उल्लेख अलबरूनी ने भी अपनी पुस्तक में किया है ब्रह्मसरोवर का वर्तमान स्वरूप गुलजारी लाल नंदा की देन है इसकी लंबाई 3600 फीट चौड़ाई 15 00फीट है।
गीता भवन -यह ब्रह्मसरोवर के उत्तरी तट पर है। तथा इसका निर्माण में रीवा मध्य प्रदेश के राजा ने करवाया इसे कुरुक्षेत्र पुस्तकालय भी कहा जाता है।
कालेश्वर तीर्थ अथवा बिरला मंदिर यह हरियाणा का एक माता रूद्र मंदिर है मंदिर में भगवान गीता के सभी श्लोक लिखे हुए हैं।
शेख चिल्ली का मकबरा- यह थानेसर में स्थित है ।इसका निर्माण 70 वीं शताब्दी में साहजहां व दारा सिंह ने अपने गुरु शेखचिल्ली की याद में करवाया इसी हरियाणा का ताज महल कहा जाता है ।
स्थानेश्वर महादेव मंदिर -
यह थानेसर में स्थित है तथा इसका निर्माण छठी शताब्दी में वर्धन वंश के संस्थापक पुष्यभूति ने करवाया था तथा इसका पुनर्निर्माण सदाशिव मराठा ने करवाया था।
ज्योतिसर सरोवर -यह पेहोवा पर सरस्वती नदी के किनारे लुप्त प्रभाव पर स्थित है ।यहां श्री कृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था ।
सर्वेश्वर महादेव मंदिर -कुरुक्षेत्र जिले में स्थित इस मंदिर का निर्माण सरवन नाथ ने करवाया था ।
मारकंडेश्वर मंदिर -कुरुक्षेत्र जिले के गोमती गांव में यह मंदिर 1953 प्रकाश वति ने ।
बनवाया था।
बाणगंगा -थानेश्वर ज्योतिसर मार्ग पर नर काशी गांव में अर्जुन ने दादा भीष्म पिता की प्यास बुझाने के लिए हेतु बाण मारकर यहां गंगा निकाली थी ।
बाबा काली कमली वाले का डेरा- इसका निर्माण विशुद्धानंद ने करवाया था ।
कमलनाथ तीर्थ सथल व चंद्रकूप कुरुक्षेत्र जिले में स्थित है।
सन्निहित सरोवर, कुबेर तीर्थ स्थल तथा पुंडरीक सरोवर कुरुक्षेत्र में स्थित है।
गुरुद्वारा छठी पातशाही गुरु हरगोविंद से संबंधित, गुरुद्वारा 9वी पातशाही गुरु तेग बहादुर से संबंधित, व राजघाट गुरुद्वारा सिखों के दसवें गुरु गुरु गोविंद से संबंधित है।
कुरुक्षेत्र के प्रसिद्ध खिलाड़ी -रितु रानी रामपाल ,शाहाबाद ,भारत की हॉकी टीम की कप्तान है।
अमनदीप- स्टील मैन ऑफ इंडिया ।
नवजोत कौर- हॉकी खिलाड़ी। नवनीत कौर -हॉकी खिलाड़ी।
कुरुक्षेत्र के प्रसिद्ध मेले- देवी का मेला -यह शाहाबाद में अप्रैल माह में लगता है ।
महावीर जयंती उत्सव लाडवा में मार्च माह में लाता है ।
बैसाखी का मेला 13 अप्रैल, पेहवा का मेला मार्च माह में लगता है।
मारकंडे, शाहाबाद का मेला, सूर्यग्रहण का मेला ब्रह्मसरोवर।
मगरमच्छ प्रजनन केंद्र भोर सैदान 1981-82 में स्थापित किया गया ।
शाहाबाद चीनी मिल की स्थापना 1984 -85 में की गई।

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