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1857 की क्रांति मे हरियाणा का योगदान

 

1857 की क्रांति मे हरियाणा का योगदान-

*1857की क्रांति की शुरुआत 10 मई 18 57 ई को मेरठ से हुई थी तथा 18 57 की क्रांति की शुरुआत अंबाला हरियाणा से हुई थी।

 अट्ठारह सौ सत्तावन की क्रांति की सूचना अंग्रेजों को श्याम सिंह ने दी थी ।

इस क्रांति का तत्कालीन कारण चर्बी वाले कारतूस थे 

18 43 ईस्वी में अंबाला कैंट बना था।

 इस क्रांति में शहीद होने वाला पहला क्रांतिकारी मंगल पांडे था।


 इस क्रांति का प्रतीक चिन्ह कमल, चपाती ,रोटी था ।



 *पटौदी का नेतृत्व -

अकबर अली ने किया था।

* पानीपत का नेतृत्व- इमाम अली कलंदर ने किया था।

* रेवाड़ी का नेतृत्व- राव तुला राम ने किया था।

* मेवात का नेतृत्व- सदरूद्दीन मेवाती ने किया था।

* रानियों का नेतृत्व- नूर मोहम्मद खान ने किया था।

* हिसार का नेतृत्व- मोहम्मद आजम ने किया था।

* रोहतक का नेतृत्व- विसारत अली ने खान ने किया था।

* झज्जर का नेतृत्व -अब्दुल रहमान खान ने किया था।

 * बल्लभगढ़ का नेतृत्व- राजा नाहर सिंह ने किया था।

* हांसी का नेतृत्व -लाला हुकम चंद और  मुनीर बेगम ने किया था।

* नसीबपुर का नेतृत्व- गोपाल सिंह नारनौल ने किया था।


- श्याम सिंह ने अंबाला छावनी की सभी गुप्त सूचनाएं अंग्रेजों को जाकर बता दी थी।

 -जींद और तावडू ने अंग्रेजों का साथ दिया।

 ** नोट -आजाद हिंद फौज के 60000 भारतीय सैनिकों में से 2715 हरियाणा के थे।

 जिनमें से 346 वीरगति को प्राप्त हो गए।

* व्यक्तिगत सत्याग्रह में हरियाणा के 516 व्यक्तियों ने अपनी गिरफ्तारी दी थी ।

महात्मा गांधी के द्वारा चलाया गया था ।

*हरियाणा में असहयोग  आंदोलन के प्रमुख नेता लाला लाजपत राय थे।

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