यमुनानगर
स्थिति -
हरियाणा राज्य के उत्तर पूर्व में स्थित है ।इसके उत्तर में हिमाचल प्रदेश ,पूर्व में उत्तर प्रदेश ,दक्षिण पूर्व में करनाल जिला ,दक्षिण में कुरुक्षेत्र और पश्चिम में अंबाला जिला स्थित है।
स्थापना -
यह जिला 1 नवंबर 1989 को गठित हुआ था।
क्षेत्रफल -176 8 वर्ग किलोमीटर नामकरण -यमुना नदी के किनारे स्थित होने के कारण।
उपनाम -पेपर सिटी ।
उपमंडल -जगाधरी, बिलासपुर। तहसील -जगाधरी ,छछरौली, बिलासपुर ,राठौर ।
उप तहसील- सढोर, मुस्तफाबाद (सरस्वती नगर)।
जनसंख्या घनत्व- 687 व्यक्ति वर्ग किलोमीटर।
लिंगानुपात- 877
साक्षरता दर- 77 .99 प्रतिशत
ऐतिहासिक तथ्य- यमुनानगर जिले में छह प्रमुख रियासत थी।
छछरौली रियासत-इस को गुरु बक्स ने स्थापित किया था ।1818 में रानी रामकोर की अयोग्यता के कारण ईस्ट इंडिया कंपनी ने विलय कर लिया और बाद में जोधा सिंह ने इसका विरोध किया ।
मुस्तफाबाद -इस रियासत को 1763 में देसू सिंह ने बसाया वर्तमान में इसका नाम सरस्वती नगर है ।
सढौर -यह रियासत तीन प्रमुख मंदिरों तथा बुदधू साह गुरुद्वारे के लिए प्रसिद्ध थे ।यह मंदिर मनोकामना ,गा गर वाला और तोरा वाला है।
बुड़िया- यह रियासत नान्हू सिंह से संबंधित है। यह रियासत शुरू में सुपसनकु गाव के नाम से जाने जाते थे। बीरबल का जन्म यही हुआ था।
रादौर -इस रियासत को 1828 में राजा दल्ला सिंह की पत्नी इंदर कौर के मृत्यु के बाद ईस्ट इंडिया कंपनी में विलय कर लिया गया।
कलसिया- इस रियासत को
रानी की खिड़की रियासत से भी पुकारते हैं ।यह जगाधरी पावटा मार्ग पर स्थित है ।
यमुनानगर के कपाल मोचन से आधा अधूरा अभिलेख तथा सुध गांव से बाराखडी का अभिलेख प्राप्त हुआ है ।
प्राचीन समय में हरियाणा सरस्वती नदी के किनारे तथा वर्तमान में यमुना नदी के किनारे स्थित है ।
18 57 की क्रांति में छ छ रोली को प्राप्त करने के लिए शोभा कोर ने अंग्रेजों का साथ दिया।
प्रमुख तथ्य -हरियाणा की सबसे बड़ी नदी यमुना हरियाणा में यमुनानगर के कलेश्वर में प्रवेश करती है तथा यमुनानगर करनाल, पानीपत ,सोनीपत, फरीदा,बाद व पलवल में बहती है।
भारतीय भारतीय रेलवे की एक वर्कशॉप यमुनानगर के जगाधरी में स्थित है ।जो 1952 में बनी थी यमुनानगर में यमुना नदी में कलेश्वर वन के संगम स्थल पर ताजे वाला के निकट हरियाणा का सबसे ज्यादा मछली उत्पादन होता है ।इस स्थल को हरियाणा में मछुआरों का सर्वग कहा जाता है ।यहीं पर प्रसिद्ध मछली मांसी हीर और मछली का उत्पादन होता है।
देवीलाल प्रकृति पार्क यमुनानगर के चुरहपुर
कस्बे में स्थित है दीनबंधु तापीय विद्युत केंद्र यमुनानगर में 2008 में स्थापित किया गया। यह हरियाणा का प्रथम तापीय विद्युत केंद्र था जिसे निजी कंपनी को सौंप दिया गया इसका उत्पादन
क्षमता 600m है एम है।
एचपीजीसीएल यमुनानगर के बूंद कला में 1997 में विद्युत केंद्र की स्थापना की गई।
हरियाणा की सबसे बड़ी नहर पश्चिम यमुना नहर यमुनानगर के ताजे वाले से निकलती है।
यमुनानगर का प्राचीन नाम अब्दुल्लापुर था।
प्राचीन समय से ही यमुनानगर
टिम्बर लकड़ी के लिए प्रसिद्ध था।
1933 में सरस्वती शुगर मिल की स्थापना की गई।
यमुनानगर में
अन्य उद्योगों में 1929 में बल्लारपुर पेपर मिल तथा 1938 में भारत सटार्च केमिकल लिमिटेड 1973 में यमुना गैस लिमिटेड की स्थापना की गई ।
वन क्षेत्र में हरियाणा का दूसरा सबसे बड़ा जिला यमुनानगर है।
अधिक वर्षा होने के कारण छछरौली को हरियाणा का चेरापूंजी कहते हैं ।चेरापूंजी का वर्तमान नाम सिरोही है
यमुनानगर के धार्मिक स्थल-
श्री कालेश्वर महादेव मठ यह यमुना नदी के किनारे स्थित है। प्राचीन समय में यह यमुना सरस्वती व सूखना नदियों का प्रमुख संगम स्थल था।
चनेटी का स्तूप- यह जगाधरी की सुध गांव में स्थित है । चीनी यात्री हैंन सॉन्ग ने भी इसका वर्णन किया है।
हथनीकुंड कांपलेक्स- ऐसा माना जाता है कि पांडवों ने अपने वनवास का कुछ समय यहां व्यतीत किया था ।इसकी नजदीक दादूपुर जगह पर 60दरी यमुना जल निकास का प्रबंध किया है।
चिट्ठा मंदिर -यह हनुमान जी का मंदिर है। यह हनुमान की सफेद मूर्ति के लिए प्रसिद्ध है।
आदि बद्री -बिलासपुर में शिवालिक की पहाड़ियों में कठ गढ़ गांव में स्थित यह एक पौराणिक स्थल है ।वेदव्यास ने महाभारत की रचना आदिबद्री में ही की थी ।
सूर्य कुंड- यमुनानगर के कपाल मोचन में तथा सूर्य कुंड मंदिर मादलपुर में स्थित है।
बुड़ियों का रंग महल- बीरबल ने इसे अपने आमोद प्रमोद के लिए बनवाया ।
गुरुद्वारा कपाल मोचन -यह बिलासपुर में स्थित है। इसके पूर्व में गुरु गोविंद सिंह का गुरुद्वारा है। गुरु गोविंद सिंह ने यहां एक युद्ध में 52 दिन का पड़ाव डाला था।
यमुनानगर का बसनतुर कस्बा शांतनु से संबंधित था यही हाथी पुनर्वास केंद्र बीच स्थित है।
भगवान परशुराम सर्व धर्म मंदिर व पंचम कालीन जैन मंदिर यमुनानगर जिले में स्थित है।
यमुनानगर में कलेसर राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना 2003 में की गई। जो जंगली मुर्गों के लिए प्रसिद्ध है ।यह 5098में फैला है।
यमुनानगर में कलेश्वर वन्य जीव अभ्यारण केंद्र की स्थापना 2000 में की गई तथा यहां भोकने वाले हीरन के लिए प्रसिद्ध है। यह 11570 एकड़ भूमि पर विस्तृत है।
लकड़हारा मंदिर यमुनानगर के जगाधरी में स्थित है ।
सुनील दत्त अभिनेता, वेद गांधी निर्माता, कर्णम मल्लेश्वरी भारोत्तोलन खिलाड़ी आदि का संबंध यमुनानगर जिले से है।
मुख्य फसल-गेहूं व गन्ना।
अन्य फसलें-चना, मक्का, चावल,सूरज मुखी।

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