- हरियाणा का जिला - महेन्द्रगढ़
* यह जिला हरियाणा के दक्षिण पश्चिम भाग में स्थित है महेंद्रगढ़ के पूर्व में रेवाड़ी टू चरखी दादरी भिवानी तथा दक्षिण पश्चिमी राजस्थान की सीमा लगती है
- महेंद्रगढ़ की स्थापना 1 नवंबर 1966 को हुई ।महेंद्रगढ़ का क्षेत्रफल 1899 वर्ग किलोमीटर है।
- महेंद्रगढ़ का मुख्यालय नारनौल में है
उपमंडल - नारनौल ,महेंद्रगढ़, कनीना ।
तहसील- महेंद्रगढ़, नारनौल, कनीना, नांगल चौधरी तथा अटेली
उप तहसील -सतनाली
खंड -नारनौल ,कनीना ,अटेली, महेंद्रगढ़ ,सतनाली, निजामपुर, नांगल चौधरी सीमहा है।
जिले में सलेट, लौह अयस्क ,एस्बेस्टस, संगमरमर तथा चुना पत्थर प्रमुख खनिज के रूप में पाए जाते हैं।
जिले की कुल जनसंख्या 921680(2011 की जनसंख्या) के अनुसार है।
पुरूष-486553,महिला-435127है।
जनसंख्या घनत्व 485प्रति वर्ग किलोमीटर है
लिंगानुपात 894 महिलाए /1000 पुरुषों पर है।
साक्षारता दर 78.87%है।
ऐतहासिक तथ्य=
महेंद्रगढ़ को पहले कानोड़ कहां जाता था कनोडियो ब्राह्मण द्वारा अनुवाद करने के कारण जिले का नारनौल महर्षि च्यवन की तपस्थली मानी जाती है इस नगर को नंदीग्राम नाहा रनौल सिंहो का शहर के नाम से भी पुकारा जाता है।
महेंद्रगढ़ को बाबर के समय मलिक महमूद खा ने बसाया था
17 वी शताब्दी मैं मराठा राजा तात्या टोपे ने यहां एक किला बनवाया 1861 में पटियाला के राजा नरेंद्र सिंह ने अपने पुत्र मोहिंदर सिंह के सम्मान में इस किले का नाम महेंद्रगढ़ रख दिया।
अकबर ने नारनौल मे सिक्के ढालने की टकसाल स्थापित की।
जिले का नगर कनीना 13वीं सदी में आए अजमेर के कनिनवाल अहीर कान्हा राम ने बसाया ।
महेंद्रगढ़ और इसके आसपास के गांव का आरंभ अजमेर के शासक पृथ्वीराज चौहान के दादा अनंगपाल के काल में हुआ था।
शेरशाह सूरी (फरीद )का बचपन महेंद्रगढ़ के नारनौल में बीता था।
1543 में नारनौल के में वीरभान ने सतनामी संप्रदाय की स्थापना की थी वीरभान के काव्य ग्रंथ साहब कहलाते हैं वीरभान का गुरु उदय दास था
1672 मैदान में औरंगजेब के विरूद्ध सतनामी यों का विद्रोह हुआ।
नसीबपुर यहां पर ब्रिटिश शासकों ने स्वतंत्रता सेनानियों का कत्ल किया था इस युद्ध में राव तुलाराम हार गए थे यहां अट्ठारह सत्तावन ईसवी के क्रांतिकारियों का शहीदी स्मारक है।
राव तुलाराम का वास्तविक नाम तुल सिंह था इनका सेनापति किशन गोपाल देव था।
जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल
माधवगढ़ का किला सतनाली मार्ग पर अरावली की पहाड़ियों में जिसका निर्माण राजस्थान के सवाई माधोपुर के शासक माधव सिंह ने करवाया था
इब्राहिम खान का मकबरा इसका निर्माण शेरशाह सूरी ने अपने दादा इब्राहिम खान की याद में करवाया यह नारनौल शहर में एक गुंबद आकार का है।
हमजा पीर दरगाह नारनोल से 10 किलोमीटर दूर धरसु में स्थित है
चामुंडा देवी मंदिर यह नारनौल में स्थित सभी धर्मों की एकता का प्रतीक है।
शिव मंदिर बाघोत इसका निर्माण इस्वाकु वंश के राजा दिलीप ने करवाया था यह महेंद्रगढ़ से 40 किलोमीटर दूर कनीना दादरी मार्ग पर है यह पिप्पलाद ऋषि की तपसथली माना जाता है।
ऋषि यों का शहर महेंद्रगढ़ शाह विलायत का मकबरा यह नारनौल में ही स्थित इब्राहिम खान द्वारा निर्मित मकबरा है
नारनोल की बावड़िया किसी समय यहां 14 बावड़िया थी तखत वाली बावड़ी मुख्य है यह मिर्जा अली जान ने बनवाई थी।
राय मुकंद दास का छत्ता इसका निर्माण शाहजहां के शासनकाल में नारनौल के दीवान मुकंद दास ने करवाया अकबर के काल में बीरबल का यहां आना जाना रहता है इसलिए इसे बीरबल का छत्ता भी कहा जाता है।
जल महल -यह नारनौल में साह अली खान द्वारा निर्मित सुंदर महल है तथा दूसरे छोर पर स्थित साहूकार गुंबज है।
अरावली की सबसे ऊंची चोटी ढोसी की पहाड़ी नारनौल के कुलताजपुर गांव में है।
सरसों के उत्पादन में महेंद्रगढ राज्य प्रथम स्थान पर है
प्रदेश का एकमात्र केंद्रीय विश्वविद्यालय जाट पाली में है कनीना के करीरा में JNV जवाहर नवोदय विद्यालय स्थित है जिले का मंडल गुडगांव है।
जवाहरलाल नेहरू उत्थान सिंचाई परियोजना इस परियोजना का निर्माण महेंद्रगढ़ जिले में कृषि विकास तथा सूखा राहत कार्यक्रम के अंतर्गत किया इस प्रणाली द्वारा 1976 में पहली बार पानी छोड़ा गया तथा वर्ष 1987 में पड़े भयंकर सुखे के दौरान खरीफ फसल को बचाया गए महेंद्रगढ़ नहर प्रणाली की छमता 1700 क्यूसेक पानी ग्रहण करने की है इसको भाखड़ा नहर से पानी मिलता है।
जिले के रेलवे स्टेशन महेंद्रगढ़ नारनौल है
प्रमुख नदी दोहन है ।
उत्तर भारत का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक पार्क नांगल चौधरी नारनौल में बन रहा है।.
हरियाणा के उद्योग के बारे मेें पढ़ने के लीये
महेंद्रगढ़ राज्य का एकमात्र ऐसा जिला है जिसका मुख्यालय जिले के बाहर नारनौल में स्थित है।
नारनौल को विरासत का शहर भी कहते हैं ।
नारनोल के पास श्री कृष्ण आयुर्वैदिक मेडिकल कॉलेज प्रस्तावित है।
Nh-11 रेवाड़ी से नारनौल राजस्थान तक बनना है।
महेंद्रगढ़ जिले के प्रमुख मेले -ढोसी की पहाड़ी पर महर्षि च्यवन का मेला ।
भूरा भवानी मेला बैसाखी नवमी सिसोठ गांव में
बाबा जयराम दास का मेला पाली ग्यारस बाबा केसरिया का मेला मंडोला भादो छट।
भिलाइनाथ का मेला नांगल काठा फाल्गुन माह मैं लगता है।
मेला बाघोत सावन तिर्योदशी
नारनौल विधानसभा की सबसे छोटी सीट है मतदाताओं की संख्या के अनुसार।
जिले का संसदीय क्षेत्र बिहारी के साथ मिला हुआ है वर्तमान में सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह
राष्ट्रीय गान : National Anthem


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