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जनवरी, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

1857 की क्रांति मे हरियाणा का योगदान

  1857 की क्रांति मे हरियाणा का योगदान- *1857की क्रांति की शुरुआत 10 मई 18 57 ई को मेरठ से हुई थी तथा 18 57 की क्रांति की शुरुआत अंबाला हरियाणा से हुई थी।  अट्ठारह सौ सत्तावन की क्रांति की सूचना अंग्रेजों को श्याम सिंह ने दी थी । इस क्रांति का तत्कालीन कारण चर्बी वाले कारतूस थे  18 43 ईस्वी में अंबाला कैंट बना था।  इस क्रांति में शहीद होने वाला पहला क्रांतिकारी मंगल पांडे था।  इस क्रांति का प्रतीक चिन्ह कमल, चपाती ,रोटी था ।  *पटौदी का नेतृत्व - अकबर अली ने किया था। * पानीपत का नेतृत्व- इमाम अली कलंदर ने किया था। * रेवाड़ी का नेतृत्व- राव तुला राम ने किया था। * मेवात का नेतृत्व- सदरूद्दीन मेवाती ने किया था। * रानियों का नेतृत्व- नूर मोहम्मद खान ने किया था। * हिसार का नेतृत्व- मोहम्मद आजम ने किया था। * रोहतक का नेतृत्व- विसारत अली ने खान ने किया था। * झज्जर का नेतृत्व -अब्दुल रहमान खान ने किया था।  * बल्लभगढ़ का नेतृत्व- राजा नाहर सिंह ने किया था। * हांसी का नेतृत्व -लाला हुकम चंद और  मुनीर बेगम ने किया था। * नसीबपुर का नेतृत्व- गोपाल सिंह नारनौल न...

पानीपत के महत्वपूर्ण युद्ध

  पानीपत के महत्वपूर्ण युद्ध पानीपत का प्रथम युद्ध- 21 अप्रैल 1526 ईस्वी को पानीपत का प्रथम युद्ध इब्राहिम लोदी और बाबर के बीच लड़ा गया।  इस युद्ध में बाबर की जीत हुई। काबुली बाग मस्जिद पानीपत में बनवाई गई।  इब्राहिम लोदी युद्ध स्थल पर मारा जाने वाला दिल्ली सल्तनत का पहला राजा था।  इब्राहिम लोदी का मकबरा पानीपत में है । पानीपत का पहला युद्ध जीतने की खुशी में बाबर ने पानीपत में काबुली बाग मस्जिद का निर्माण करवाया।  पानीपत के प्रथम युद्ध में बाबर की तरफ से मारे जाने वाला एकमात्र योद्धा संधार थे। * पानीपत का दूसरा युद्ध- 5 नवंबर 1556 ईस्वी को पानीपत का दूसरा युद्ध अकबर और हेमचंद्र विक्रमादित्य के बीच हुआ।  जिसमें अकबर की विजय हुई और हेमचंद्र हारा जाता है ।हेमचंद्र को हेमू के नाम से जाना जाता था।  हेमू रेवाड़ी का शासक था। हेमू एक हिंदू राजा था। हेमचंद्र ने पानीपत के युद्ध से पहले 22 युद्ध करें और एक भी युद्ध नहीं हारा था । हेमचंद दिल्ली की गद्दी पर बैठने वाला अंतिम हिंदू था। * पानीपत का तीसरा युद्ध- 14 जनवरी 1761 पानीपत का तीसरा युद्ध  मराठों और अहमद ...

हरियाणा का परिचय

  हरियाणा का परिचय  वर्तमान में जिले -22  तहसील -93  उप तहसील- 50  मंडल -6  उपमंडल 72 + 2  ग्राम पंचायत -6212  कुल गांव -6841  आबाद गांव -6751 वर्तमान में है 7357  जनसंख्या -2535 1462  जिला परिषद -21  नगर पालिका- 57  नगर परिषद -21  ब्लॉक /खंड -141  शहर -154  तार घर -210  बस डिपो -24  डाकघर- 2650  नगर निगम- 11 *सबसे ज्यादा ग्राम पंचायत गुरूग्राम जिले मे है और कम फरीदाबाद मे है। *हरियाणा का बडा बस अड्डा झज्जर का है।

हरियाणा के नृत्य

  हरियाणा के नृत्य *हरियाणा का राजकीय नृत्य- स्वांग * धमाल नृत्य- यह खुशी का प्रतीक है । जब फसल पक कर तैयार हो जाती है तो चांदनी रात को खुले खेतों मे किया जाता है।  हरियाणा का सबसे प्राचीन नृत्य है। यह नृत्य महेंद्रगढ़ में झज्जर का लोकप्रिय नृत्य है । *रास नृत्य- ब्रजभूमि से हरियाणा में आया है।  यह नृत्य पलवल व फरीदाबाद में किया जाता है। * तीज नृत्य- सावन के महीने में महिलाओं द्वारा किया जाता है।  लड़की के ससुराल कोथली भेजी जाती है।  वर्षा के आगमन पर किया जाता है । *खेड़ा नृत्य- यह नृत्य दुख का प्रतीक है।  जब घर में किसी बुजुर्ग की मृत्यु हो जाती है तो खेड़ा नृत्य किया जाता है।  यह नृत्य जींद, कैथल, नरवाना करनाल आदि क्षेत्र में बहुत ही प्रचलित है । *फाग नृत्य- फागुन के महीने में होता है। होली से 1 महीने पहले शुरू होता है यह स्त्री प्रधान होते है। खोडिया नृत्य- यह विवाह के अवसर पर किया जाता है।इस नृत्य को टुंडा टांडी नृत्य कहते हैं ।लड़के की बरात जाने के बाद घर में महिलाओं द्वारा किया जाता है।  *पीलिया नृत्य- पुत्र की प्राप्ति पर किया जाता है । *छठ...

हरियाणा के साहित्य एवं भाषा क्षेत्र

  हरियाणा के साहित्य एवं भाषा क्षेत्र - पत्र एवम पत्रिकाएं * 1885 में हरियाणा का पहला हिंदी समाचार पत्र जैनप्रकाश प्रकाशित हुआ। प्रथम संपादक एवं पत्रकार जियालाल जैन थे। * 1889 गुरुग्राम से बाबू कन्हैया सिंह ने जाट गजट समाचार पत्र निकाला * 1916 में साप्ताहिक समाचार पत्र जाट गजट तथा 1923 में हरियाणा तिलक निकाला। * 1923 में श्रीराम शर्मा ने उर्दू में हरियाणा तिलक निकाला। * 1925 में गुरुग्राम में ज्योतिष मार्तंड ,जगाधरी से ब्रह्मांण समाचार पत्र, भिवानी से सावधान प्रकाशित हुए। * पंडित नेकी राम शर्मा ने 1930 में संदेश समाचार पत्र निकाला। * 1936 में लाला हरदेव सहाय ने सेवक समाचार पत्र निकाला। * रेवाड़ी में 1928 में पहलाद शर्मा ने ज्योति समाचार पत्रनिकाला। * 1948 में साहित्य सप्ताहिक ज्ञानोदय हिसार से निकाला। * 1950 में सेठ हेमचंद का हरियाणा संदेश प्रकाशित हुआ।  * 1998 बनारसी गुप्ता ने भिवानी से हरियाणा केसरी साप्ताहिक समाचार पत्र निकाला।  हरियाणा संस्कृत अकादमी पंचकूला द्वारा अंतरराष्ट्रीय पत्रिका हरिप्रभा प्रकाशित हुई * 5 सितंबर 1996 से हरियाणा के रोहतक से हरियाणा की माटी का पह...

हरियाणा के प्रमुख व्यक्तियों के उपनाम

  हरियाणा के प्रमुख व्यक्तियों के उपनाम  *हरियाणा के लौह पुरुष चौधरी बंसीलाल *आधुनिक हरियाणा के निर्माता चौधरी बंसीलाल  *हरियाणा के जननायक चौधरी देवीलाल  *हरियाणा का ताऊ चौधरी देवीलाल  *हरियाणा के विकास पुरुष चौधरी बंसीलाल  *शेर ए हरियाणा चौधरी देवी लाल  *हरियाणा का किंग मेकर चौधरी देवी लाल  *हरियाणा की राजनीति के चाणक्य चौधरी भजन लाल * हरियाणा के दिन बंधु सर छोटू राम  *हरियाणा में हिंदी साहित्य के सूर्य कवि सूरदास  *हरियाणा के सूर्य कवि पंडित लख्मीचंद  *हरियाणा के हरियाणा में संपूर्ण कविता के कालिदास पंडित लख्मीचंद * हरियाणा के कवि शिरोमणी पंडित मंगे राम * हरियाणा के कालिदास पंडित दीप चंद शास्त्री * हरियाणा की सेक्स्पीयर प्रदीप शास्त्री  *हरियाणा के बरे आजम सर छोटू राम  *हरियाणा के भाखड़ा डैम के वास्तुकार सर छोटू राम * हरियाणा के किसानों के मसीहा सर छोटूराम  *हरियाणा के दीनबंधु सर छोटू राम  *हरियाणा के गांधी मूलचंद जैन * हरियाणा के हरिकेन कपिल देव * हरियाणा केसरी पंडित नेकी राम शर्मा  * हरियाणा का रुबाई सम्...

हरियाणा मे प्रमुख परियोजनाएं

  हरियाणा मे प्रमुख परियोजनाएं- *ग्रीनिंग ऑफ हरियाणा वृक्षारोपण 1989 - 90 में शुरू किया गया। * देवी रूपक योजना यह योजना विशेष परिवार कल्याण योजना है। इसे चौधरी देवीलाल के जन्मदिन पर शुरू की गई। 25 सितंबर 2002 को शुरू किया गया । *देवी रक्षक योजना -यह परिवार के मुख्य व्यक्ति की मृत्यु या कोई हाथ या पैर कट जाए तो मृत्यु पर एक लाख रुपए दो अंक की हानि हो तो   50 हजार,एक अंग की हानि हो तो ₹25000 दिए जाते हैं 2 अक्टूबर 2003 से इसे शुरू किया गया। * कृषक उपहार योजना 2 अक्टूबर 2002 को शुरू की गई। * वंदे मातरम योजना गर्भवती महिलाओं के लिए है इसे 9 फरवरी 2004 में शुरू किया गया। * मिड डे मील योजना हरियाणा में 15 अगस्त 2004 को। * म्हारा गांव जगमग गांव विद्युत प्रसारण निगम ने 1 जुलाई 2015  *ऑपरेशन मुस्कान 1 जुलाई 2015*  *घर घर हरियाली योजना जुलाई 2015  *अटल अमृत योजना 25 जून 2015  *सुकन्या समृद्धि योजना 22 जनवरी 2015 * बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना 22 जनवरी 2015 *प्रधानमंत्री जन धन योजना 28 अगस्त 2014 हरियाणा विशेष आर्थिक क्षेत्र-2006  *हरियाणा में मनरेगा फरवरी 2006...

हरियाणा के राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्य जीव अभ्यारण

  हरियाणा के राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्य जीव अभ्यारण - सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान -1971 में पक्षी वैज्ञानिक डॉक्टर सलीम अली ने सुल्तानपुर में सलीम अली .पक्षी विहार की स्थापना की ।1972 में ही इसे ही सुल्तानपुर पक्षी विहार अथवा जीव अभ्यारण केंद्र का दर्जा दीया ।1989 में इसे राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया। इसमें सुचारू रूप से कार्य 1991 में शुरू हुआ सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान साइबेरियस सारस के लिए प्रसिद्ध है ।इसका क्षेत्रफल 1 .4 3 वर्ग किलोमीटर है।   कलेसर राष्ट्रीय उद्यान- यह यमुनानगर में स्थित है। यह लाल जंगली मुर्गों के लिए प्रसिद्ध है ।इसे दिसंबर 2003 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया।   वन्य जीव अभ्यारण  बीर शिकारगढ़- वन्य जीव अभ्यारण की स्थापना 29 मई 1989 को पंचकूला में हुई यह सांभर ,चितल व नीलगाय के लिए प्रसिद्ध है । कलेसर -यमुनानगर में कलेसर वन्य जीव अभ्यारण की स्थापना 13 जनवरी 2000 में की गई।  तथा यह भोकने वाले हिरणों के लिए प्रसिद्ध है। यह 11570 एकड़ भूमि पर विस्तृत है। इसे पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया गया है।   खापडवास -  यह  ...

हरियाणा की प्रमुख झीले-

  हरियाणा की प्रमुख झीले-  दमदमा झील ,खलीलपुर झील, सुलतानपुर झील, कोटला झील, बड़खल झील ,ब्रह्मसरोवर झील, सन्निहित झील, हाथी कुंड, करण झील ,संगेल झील ,चंदेरी झील, भिंडावास झील, ब्लू बर्ड झील।  गुरुग्राम की झीलें-  यह झील गुरुग्राम जिले में है यह हरियाणा की सबसे बड़ी झील है। यह 300 एकड़ में फैली हुई है। सुलतानपुर झील-  यह झील गुरुग्राम जिले के फरुखनगर में स्थित है यह प्रवासी पक्षियों के लिए प्रसिद्ध है ।इसके अलावा खलीलपुर झील गुरुग्राम में है यह गर्म पानी  का चश्मा गुरुग्राम के सोहना क्षेत्र में है।ओ  फरीदाबाद की झीलें-  सूरजकुंड झील- इसकी खुदाई 11वीं शताब्दी में की गई थी। इसका निर्माण सूरजपाल तोमर द्वारा करवाया गया था।  बड़खल झील- यह अरावली की पहाड़ियों से घिरी हुई है ।यह दिल्ली के मात्र 30 किलोमीटर दूरी पर स्थित है 1947 में सिंचाई परियोजनाओं के लिए इसका निर्माण किया गया था। इसका उद्देश्य भूमि कटाव को रोकना था तथा दो छोटी पहाड़ियों को जोड़कर 64 .45  मीटर लंबा और 6 मीटर चौड़ा बाढ़ के पानी को रोकना की वयवस्था की गई। इसी कारण यह पर्यटकों के ...