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जनवरी, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

भारतीय राष्ट्रीय ध्वज

भारतीय राष्ट्रीय ध्वज (National Flag)                                                                          भारत के राष्ट्रीय ध्वज को  तिरंगा  के नाम से जाना जााता है। भरतीय संविधान सभा ने  22जुलाई 1947  को इसे  राष्ट्रीय ध्वज  तिरंगा  के   रूप मे अपनाया।  14 अगस्त 1947  को संविधान  सभा के अर्द्ध-रात्रिकअलीन  अधिवेशन में  राष्ट्र को  समर्पित किया गया। तिरंगे  झंडे  में तीन पट्टिया है। इस ध्वज की लंबाई एवं चौड़ाई का अनुपात 3:2 है। इस ध्वज के बीच मे नीले रंग की 24 तिलिया वाला अशोक चक्र है जो देश को धर्म और ईमानदारी से उनत्ति  की ओर ले जाने  की पेरणा देता है। इसे सारनाथ सिथत अशोक सतंभ से लिया गया है इस ध्वज के सबसे ऊपर गहरा केसरीया रंग , जो साहस एवं बलिदान का प्रतीक है।बीच मे सफेद रंग,जो सत्य एवं...

राष्ट्रीय खेल हॉकी (Hockey)

राष्ट्रीय खेल :हॉकी भारत का राष्ट्रीय खेल हॉकी है। इसमें दो टीमें खेलती है जिनमे प्रत्येक टीम में 11-11खिलाड़ी होते है। हॉकी में प्रयोग होने वाली गेंद का रंग सफेद होता है व इस गेंद का वजन 155 ग्राम होता है तथा हॉकी स्ट्रीक 91 सेंटीमीटर लम्बी होती है। हॉकी के जादूगर के नाम से मशहूर मेजर ध्यानचंद को कहा जाता हैं। मेजर ध्यानचंद के जन्म दिवस 29अगस्त को 'राष्ट्रीय खेल दिवस' के रूप मे मनाया जाता है। भारत ने ओलंपिक हॉकी में 8 बार स्वर्ण पदक जीते है। 1928 के एक्स्टर्डम ओलंपिक में भारत ने नीदरलैंड को 3-0 से हराकर पहला सवर्ण  पदक जीता था। इसके बाद 1956 तक लगातार 6 सवर्ण पदक जीते । तदुपरान्त 1964 ओर 1980 में दो सवर्ण पदक जीते थे। हॉकी इंडिया ने 23 जुलाई 2009 को नया 'लोगो' अनावरित किया है जो राष्ट्रीय ध्वज के अशोक चक्र से प्रेरीत है जो इसमें 24 हॉकी स्टीके एक पहिए के रुप मे सजी हुई हैं।

राष्ट्रीय पक्षी : मयूर -Peacock

राष्ट्रीय पक्षी- मयूर भारत सरकार ने 1963ई. में मयूर (पावो क्रिसटेसस) को राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया। हंस के आकार के इस रंग बिरंगे पक्षी की गर्दन लम्बी आँख के नीचे सफेद निसान ओर सिर पर पंख के आकार की कलंगी होती है ।मादा मयूर का रंग भूरा होता है । मादा मयूर की अपेक्षा नर मयूर अत्यधिक सुंदर होता है। नर मयूर अपने पंखों को फैलाकर नाचता है व बड़ा ही आकर्षक दृश्य पैदा करता है। भारत वन प्रणाली (सुरक्षा) अधिनियम,1972 के अंतर्गत इसे पूर्ण संरक्षण प्राप्त है। सिकंदर महान मोर की सुंदरता से प्रभावित होकर 'भारत विजय' की निशानी के रूप में इसे अपने साथ ले गया था । भारत से पूर्व म्यांमार भी 'मयूर 'को राष्ट्रीय पक्षी घोषित कर चुका है। 1963 में मोर को राष्ट्रीय पक्षी की मान्यता के बाद इसे मारना क़ानूनन अपराध घोषित किया गया । भरतीय पुराण के अनुसार मोर सुब्रह्मण्य का  मोर की औसत आयु 10 से 25 वर्ष के बीच होती है । ये ज्यादातर भरतीय उपमहाद्वीप व दक्षिणी पूर्वी एशिया में पाए जाते है।

राष्ट्रीय गीत - National Song

  राष्ट्रीय गीत  हमारे राष्ट्रीय गीत 'वन्दे मातरम' की रचना बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा  की गई थी। राष्ट्रीय गीत को संविधान सभा द्वारा 24 जनवरी 1950 को अपनाया गया। उनका यह गान बंगाली भाषा मे था। बंकिमचंद्र चटर्जी ने इस गीत की रचना अपने उपन्यास 'आनन्द मठ' मे 1882 ई. मे की थी।जिसे जन-गण- मन के समान दर्जा प्राप्त है। 'वन्दे मातरम' की रचना संस्कृत भाषा मे है। सर्वप्रथम 'वन्दे मातरम' नामक राष्ट्रीय गीत को1896ई. मे भरतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकता अधिवेशन में गया गया। इस राष्ट्रीय गीत को कुल एक मिनट पाँच सेकण्ड में गया जाता है।इस राष्ट्रीय गीत की धुन पन्नालाल घोष ने तैयार की। वन्दे मातरम का अंग्रेजी अनुवाद सर्व प्रथम अरविन्द घोष ने किया।जबकि उर्दू अनुवाद आरिफ मोहम्मद खान ने किया था। सर्व प्रथम1927 में फांसी के फंदे पर झूलते हुए वन्दे मातरम गाने वाले अशफाक उल्लाह खान थे। 1949ई. में मास्टर कृष्णराव ने राष्ट्रीय गीत को बैंड पर बजाने की धुन बनाई थी। जिसके निर्देशन में मास्टर गणपत सिंह ने पहली बार इसे बजाया था। B.B.C world service द्वारा 2003 में किये ग...

राष्ट्रीय गान : National Anthem

राष्ट्रीय गान राष्ट्रीय गान जन-गण-मन की रचना रविन्द्रनाथ टैगोर ने की थी।   राष्ट्रगान को भारतिय संविधान सभा द्वारा 24जनवरी 1950 को अंगीकृत किया गया ।                                                                                                       ◆ राष्ट्रगान में 13 पंक्तियाँ है, जिसके गायन में 52 सेकण्ड का समय लगता है। ◆इस गान को सर्वप्रथम 27 दिसंबर 1911ई. में भारतिय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकता अधिवेशन मे गाया  गया था। ◆यह गान सर्वप्रथम 1912ई. मे तत्वबोधिनी नामक पत्रिका में 'भारत भाग्य विधाता' नामक शेर्षक से प्रकाशित हुआ था।।                                                   ...